समर्पण दोतरफा हो

प्रमोद कुमार संस्थानों में उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति के क्षरण एवं उसके समाधान पर एक प्रमोद कुमार के विचार किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसके भवन, संसाधनों, तकनीक या नियमों में नहीं होती, बल्कि उन लोगों में होती है जो उसके उद्देश्य को अपना उद्देश्य मानकर काम करते हैं। इतिहास में जिन संस्थानों ने असाधारण उपलब्धियां […]

एक चुनो : सफल बनो

प्रमोद कुमार  जिंदगी कभी कभी एक चौराहे पर खड़ी जैसी लगती है, तो कभी कभी बहु मार्गों का झुण्ड खड़ा दिखता है तो कभी कभी एक भी रास्ता दिखाई नहीं देता I हम सभी जानते हैं, सुनते हैं, कि यदि हम सफलता हेतु हमारे जीवन में उपलब्ध अनेकों रास्तों पर भटकने के बजाय एक रास्ते […]

आत्मविश्वास : पारस्परिक जिम्मेदारी

जीवन साथियों के गहरे संबंध में व्यक्ति केवल किसी के साथ समय नहीं बिताता, बल्कि अपने मन, भावनाओं, सपनों और कमजोरियों का एक हिस्सा दूसरे के साथ साझा करता है। इसलिए जीवन साथियों में केवल प्रेम होना पर्याप्त नहीं है, अपितु उस प्रेम में साथ का आत्मविश्वास होना भी उतना ही आवश्यक है। यह विश्वास […]

असंतुष्टि के दो कारण

परिचय- जीवन में असंतुष्ट होना हमेशा गलत के लिए नहीं होता, आप सभी भी होते हैं, आपका उद्देश्य पावन एवं बड़ा होते हुए भी, आपकी सोच सकारात्मक पर भी हो सकता है यह आपमें असंतुष्टि का कारण बने I संतोषी सदा सुखी यह बात तो सत्य है, साथ ही क्या यह अवधारणा सही है कि […]

बुराई लेने का साहस

श्रेय लेने का स्वभाव मनुष्यगत है, किन्तु श्रेय न लेने की शक्ति व्यक्तिगत विलक्षणता है I और उससे भी आगे की पायदान है, अपने अपनों के लिए, अपने अपनों के कारण बुराई को, अपयश को भी हँसते हँसते सहन करने का साहस अपने आप में पैदा करना I समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं […]