ईश्वरीय गुणधर्म और मनुष्य

सर्वज्ञ एवं सर्वशक्तिमान ईश्वर में शुद्ध सतोगुण पाया जाता है इसलिए ईश्वर सर्वज्ञ है और जीव अल्पज्ञ है , जितना सतोगुण अधिक होगा उतना आत्मा/ब्रह्म स्वरूप का बोध होगा और ईश्वर तो शुद्ध सतोगुण माया से परिपूर्ण है जिस कारण ईश्वर अनन्त ज्ञानी एवम् सर्वज्ञ है पर जीव में मलिन रज तम भी है अतः […]
आपके जीवन का मूल है, आपकी छवि

जीवन में छवि का महत्व: सार्वजनिक जीवन में मूल है छवि ! क्योंकि समाज में सम्मान तो सभी चाहते हैं, स्वयं को महत्व मिले यह कौन नहीं चाहता है, सब चाहते हैं, लेकिन उस अपेक्षा के अनुरूप, अपने जीवन की स्वाभाविक रणनीति पर लोग काम नहीं करते, परिणामतः उन्हें समाज में लोग उस रूप में […]
बढ़ना क्यों जरूरी है !

प्रवाह का महत्व मात्र जल के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं ? प्रवाह मनुष्य जीवन के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना कि जल और वायु के लिए है । प्रवाह में ही गति है ! इसे समझने के लिए आपको मनुष्य की सामान्य वृति को समझना होगा । हम देखते भी हैं और स्वयं […]
ईर्ष्या और निंदा आपको कुरूप बनाती है !

आपका स्वास्थ्य सही हो, देखने में हस्ट-पुष्ट तंदरुस्त हों, अच्छे घर परिवार में जन्म लिया है, खूब शिक्षित भी को, परिवार भी खूब सम्पन्न है, अच्छी बोली भाषा और सुंदर नैन नक्श है, किन्तु एक छोटा सा दोष है, आप ईर्ष्यालु हैं, दूसरे आपसे कैसे अच्छे हो सकते हैं, इसलिए आप निंदा भी करते हैं, […]
साक्षात्कार: सफलता में सबसे बड़ी बाधा है “अहंकार”

हम अपने आसपास ऐसे कई लोगों को देखते हैं, जिनमें प्रतिभा तो बहुत है, उनका ज्ञान, उनकी योजकता, उनके भीतर अनेकों गुणों का समावेश भी है, किन्तु फिर भी बहुत आगे नहीं बढ़ पाते ? जहां उन्हें होना चाहिए ! वहाँ तक नहीं पहुँच पाते ! इसका एकमात्र कारण है, ऐसे लोगों में अहंकार […]
समय के साथ बदलना होगा

आप सभी को अवश्य याद होगा, कोडक कंपनी ? 1997 में, कोडक के पास एक समय लगभग डेड लाख कर्मचारी कार्यरत थे। एक समय था जब दुनिया की लगभग 85% फोटोग्राफी कोडक कैमरों द्वारा की जाती थी । पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल कैमरे लगभग हर हाथ में हो गए, आज कोडक कैमरा कंपनी मार्केट […]
भाव मार्ग

भव सागर से पार, अर्थात मुक्ति को प्राप्त करना कौन नहीं चाहता, मुझे तो ईश्वर प्राप्ति इस मनुष्य जन्म का एकमात्र उद्देश्य समझ में आता है। मनुष्य का जन्म मिला, अथवा थोड़ा और गहराई में जायेंगे तो समझ में आयेगा कि यह प्राणी रूप में हमारा अस्तित्व ही ईश्वर प्राप्ति मात्र के लिए है, किन्तु […]
हमारा राष्ट्र और हमारा कर्तव्य

हमारा देश गहरी धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक और परंपरागत जीवनशैली सुसंपन्न राष्ट्र है I “वसुधैव कुटुम्बकम” की अवधारणा पर चलने वाला विवधता में एकता के लिये जाना जाने वाला देश है I हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए, विश्व गुरु सम्पूर्ण मानवता को, इस सृष्टि की अगुवाई कर चुका है I हम सभी विचार करते […]